निर्माण संगठन

गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग

हमारे बारे में

  महत्वपूर्ण व्यक्ति
श्री संजय भूसरेड्डी

प्रमुख सचिव, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, उ0 प्र0 एवं गन्ना एवं चीनी आयुक्त, उ० प्र०

राकेश कुमार श्रीवास्तव

मुख्य अभियन्ता

उत्तर प्रदेश में चीनी उद्योग एकमात्र सर्वाधिक महत्वपूर्ण एवं संगठित क्षेत्र का उद्योग है जिससे लगभग 50 लाख गन्ना उत्पादकों के हित सीधे जुड़े हैं। चीनी मिलों द्वारा लगभग 7000 गन्ना क्रय केन्द्रों तथा चीनी मिल गेट के माध्यम से गन्ना उत्पादकों का गन्ना क्रय किया जाता है। चीनी मिल क्षेत्रों में अवस्थित ग्रामों में उत्पादित ताजा गन्ने को 7000 क्रय केन्द्रों तथा चीनी मिलों तक न्यूनतम समय में गन्ना ढुलाई हेतु ग्रामीण सम्पर्क मार्गों के एक अच्छे संजाल (नेटवर्क) की महती आवश्यकता होती है। वॉछित अच्छे नेटवर्क के अभाव में चीनी मिलों को ताजा गन्ना आपूर्ति में विलम्ब होता है तो उसका सीधा विपरीत प्रभाव चीनी की रिकवरी (परता) पर पड़ता है जिससे किसान, चीनी मिलों एवं प्रदेश की अर्थ व्यवस्था प्रभावित होती है। साथ ही साथ कटाई उपरान्त गन्ना तेजी से सूखने के कारण इसके भार में भी ह्रास होता है जिससे गन्ना कृषकों को अपने उत्पाद का पूर्ण एवं लाभकारी उचित मूल्य प्राप्त नहीं हो पाता है। गन्ना बाहुल्य क्षेत्रों से, ग्रामों एवं क्रय केन्द्रों के माध्यम से चीनी मिलों तक ताजे गन्ने के त्वरित एवं सुगम यातायात हेतु विशिष्ट सम्पर्क मार्गों का निर्माण विभाग द्वारा कराया जाता है। राजस्व ग्रामों में बस्तियों से दूर सघन गन्ना क्षेत्रों/खेतों से ग्रामों तक, ग्रामों से सीधे क्रय केन्द्रों तक तथा क्रय केन्द्रों से चीनी मिलों तक गन्ना यातायात के दृष्टिकोण से सम्पर्क मार्गों की विशेष उपयोगिता को स्वीकार करते हुये शासन द्वारा वर्ष 1972-73 से गन्ना विकास विभाग के माध्यम से सहभागिता/अंशदायी आधार पर सम्पर्क मार्गों के निर्माण हेतु राज्याज्ञा संख्या 243 सी0डी0/12एच -1000(38)/72 दिनांक 22.03.1973 द्वारा ’’अन्तर्ग्रामीण सड़क निर्माण योजना’’ संचालित वर्ष 2014-15 से योजना का फन्डिंग पैटर्न 80:20 है ।

उद्देश्य/लाभ

  • गन्ना बाहुल्य क्षेत्रों का ताजा गन्ना न्यूनतम समय में चीनी मिलों को त्वरित एवं सुविधाजनक रूप से आपूर्ति कराना जिससे चीनी के परते तथा चीनी उत्पादन में वृद्वि कर चीनी उद्योग को नयी ऊचॉईयों पर लाना।
  • उत्तर प्रदेश शासन/भारत सरकार को अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति।
  • गन्ना कृषकों को गन्ने का लाभकारी मूल्य दिलाकर गन्ना बाहुल्य क्षेत्रों का सर्वांगीण आर्थिक एवं सामाजिक विकास।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में अन्तर्ग्रामीण सुगम एवं निर्वाध यातायात हेतु बेहतर संयोजन।
  • गन्ना एवं अन्य फसलों हेतु आवश्यक खाद, बीज, कीटनाशक आदि की सुगम व्यवस्था।
  • नयी स्थापित होने वाली चीनी मिलों के क्षेत्रों में सुगम यातायात प्रदान करते हुये क्षेत्रों का सर्वांगीण आर्थिक एवं सामाजिक विकास।
  • कृषकों के कृषि उत्पाद स्थानीय बाजार तक ले जाने में सुगमता।

वर्तमान में विभाग की अभियन्त्रण शाखा मुख्य अभियन्ता के अधीन गठित है, जिसमें कार्यों के क्रियान्वयन एवं संचालन तथा मानकों के अनुरूप गुणवत्ता नियंत्रण हेतु चीनी मिल क्षेत्र में स्थापित गन्ना विकास परिषद स्तर पर अवर अभियन्ता, जनपद स्तर पर सहायक अभियन्ता, गन्ना परिक्षेत्र स्तर पर अधिशासी अभियन्ता, दो या अधिक परिक्षेत्रों पर अधीक्षण अभियन्ता की सेवाएं उपलब्ध है। अभियन्त्रण शाखा में कार्यरत तकनीकी अधिकारी/कर्मचारी अन्य राजकीय विभागों की भॉति तकनीकी योग्यताएं एवं अर्हताएं रखते है । इन्हें तकनीकी कार्यों का लम्बा अनुभव प्राप्त है। अभियन्त्रण शाखा अपने कार्यों में पूर्णतया कार्यकुशल एवं दक्ष है। अभियन्त्रण शाखा के मुख्य नियंत्रक अधिकारी गन्ना आयुक्त, उत्तर प्रदेश हैं।