निर्माण संगठन, उत्तर प्रदेश, भारत

चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग

योजनाएं

  प्रमुख कार्यकर्ता
संजय भूसरेड्डी

प्रमुख सचिव, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग, गन्ना एवं चीनी आयुक्त, उ. प्र.

राकेश कुमार श्रीवास्तव

मुख्य अभियन्ता

1-जिला योजना-

जिला योजनान्तर्गत अर्न्तग्रामीण सड़कों के निर्माण हेतु निम्नानुसार कार्यक्रम संचालित है-

क-अर्न्तग्रामीण सड़कों का नव-निर्माण-
(अनुदान संख्या-23 सामान्य मद एवं अनुदान संख्या-83 एस.सी.एस.पी. मद)-
गन्ना बाहुल्य क्षेत्रों में ग्रामों, क्रय केन्द्रों, मुख्य मार्गों तथा चीनी मिलों को जोड़ने हेतु सड़क निर्माण का कार्य कराया जाता है। एस.सी.एस.पी. मद से अनुसूचित जाति बाहुल्य ग्रामों को भी उक्तानुसार सम्पर्क मार्ग की सुविधा प्रदान की जाती है।

ख-निर्मित अर्न्तग्रामीण सड़कों का सुदृढीकरण/पुनर्निर्माण-
(अनुदान संख्या-23 सामान्य मद एवं अनुदान संख्या-83 एस.सी.एस.पी. मद)-
गन्ना बाहुल्य क्षेत्रों में ग्रामों, क्रय केन्द्रों, मुख्य मार्गों तथा चीनी मिलों को जोड़ने हेतु पूर्व निर्मित अर्न्तग्रामीण सड़कों के सुदृढीकरण/पुनर्निर्माण का कार्य कराया जाता है। एस.सी.एस.पी. मद से अनुसूचित जाति बाहुल्य ग्रामों को भी उक्तानुसार सम्पर्क मार्ग की सुविधा प्रदान की जाती है।

2-बार्डर एरिया डेवलपमेन्ट कार्यक्रम-
बार्डर एरिया डेवलपमेन्ट कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रदेश के सीमावर्ती जिलों यथा पीलीभीत, लखीमपुर-खीरी, श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर, महराजगंज तथा सिद्धार्थनगर में सड़कों, पुलियों आदि के निर्माण का कार्य कराया जाता है।

3-पूर्वान्चल विकास निधि-
पूर्वान्चल के पिछड़े जिलों में मा. संसद सदस्य/मा. सदस्य विधान सभा, विधान परिषद की संस्तुति पर जनउपयोगी कार्यों की स्वीकृति के अन्तर्गत अवस्थापना/सावर्जनिक परिसम्पत्तियों का सृजन कराया जाता है।

4-भवन निर्माण एवं अनुरक्षण कार्य-
विभाग के अन्तर्गत संचालित/कार्यरत विभिन्न संस्थाओं/कार्यालयों यथा उ.प्र. गन्ना किसान संस्थान, उ.प्र. गन्ना शोध परिषद, गन्ना विकास परिषदों, सहकारी गन्ना विकास समितियों तथा विभागीय अन्य भवनों के भवन निर्माण एवं अनुरक्षण के कार्य कराये जाते है।

5-बाढ़ आपदा राहत निधि-
इस योजनान्तर्गत बाढ़/अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त अवस्थापना संबंधी परिसम्पित्तयों के अनुरक्षण/मरम्मत का कार्य समय-समय पर शासन की गाइड-लाइन्स के अनुसार कराया जाता है।