विपणन अनुभाग, उत्तर प्रदेश, भारत

चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग

हमारे बारे में

अनुभाग द्वारा कृषकों के गन्ना सर्वेक्षण से लेकर कृषकों के गन्ना मूल्य भुगतान तक कार्यवाही की जाती है। विवरण निम्नवत् है-

  • उत्तर प्रदेश गन्ना (पूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम, 1953 की धारा 14 के अन्तर्गत गन्ना उत्पादन के सही ऑकलन के लिए कृषकों द्वारा बोये गये गन्ने के क्षेत्र का सर्वेक्षण प्रत्येक पेराई सत्र हेतु किया जाता है, जिसमें मुख्यतः प्रमुख अवयवों यथा-गन्ना सर्वेक्षण प्रक्रिया, निरीक्षण एवं अनुश्रवण, बेसिक कोटा की सामयिक तैयारी, सर्वेक्षण सूचियों का प्रदर्शन, नये सदस्यों की भर्ती, उपज बढोत्तरी हेतु प्राप्त प्रार्थना पत्रों के निस्तारण एवं प्री-कैलेण्डर का प्रकाशन इत्यादि का कार्य सम्पादित किया जाता है।
  • उत्तर प्रदेश गन्ना (पूर्ति एवं खरीद विनियमन) नियमावली, 1954 के नियम 57 के अधीन प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए प्रत्येक पेराई सत्र हेतु गन्ने के सट्टे एवं आपूर्ति की नीति जारी की जाती है। उक्त नीति में मुख्यतः कृषकों का बेसिक कोटा व कुल सट्टा का निर्धारण करके उनकी गन्ना आपूर्ति सुनिश्चित करायी जाती है।
  • उत्तर प्रदेश गन्ना (पूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम, 1953 की धारा 12 के अन्तर्गत प्रत्येक पेराई सत्र हेतु चीनी मिलों से गन्ना आवश्यकता के निर्धारण हेतु प्रस्ताव आमंत्रित किये जाते हैं एवं तदोपरान्त चीनी मिलों की गन्ना पेराई, पेराई क्षमता आदि कारकों को दृष्टिगत रखते हुए पेराई सत्र हेतु चीनी मिलवार गन्ना आवश्यकता का निर्धारण किया जाता है।
  • चीनी मिलों की गन्ना आवश्यकता निर्धारण के उपरान्त उत्तर प्रदेश गन्ना (पूर्ति एवं खरीद विनियमन) नियमावली, 1954 के नियम 21 के अन्तर्गत प्रत्येक पेराई सत्र हेतु चीनी मिलों से गन्ना क्षेत्र सुरक्षण हेतु सुरक्षण प्रस्ताव आमंत्रित किये जाते हैं।
  • उत्तर प्रदेश गन्ना (पूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम, 1953 की धारा 15 एवं तद्विषयक नियमावली, 1954 के नियम 22 के अन्तर्गत चीनी मिलों से प्राप्त सुरक्षण प्रस्तावों, सुरक्षण बैठकों में रखे गये विचार तथा अन्य कारकों को ध्यान में रखते हुए गन्ना आयुक्त, उ.प्र. द्वारा चीनी मिलवार गन्ना क्षेत्र का सुरक्षण किया जाता है।
  • गन्ना क्षेत्र सुरक्षण के उपरान्त चीनी मिलों को आवंटित क्रय केन्द्रों का संचालन कृषकों की विनियमित गन्ने की आपूर्ति सुनिश्चित कराये जाने हेतु समय-समय पर प्रभावी अनुश्रवण एवं कार्यवाही की जाती है।
  • गन्ना पेराई के दौरान चीनी मिलों पर गन्ना किसानों के देय गन्ना मूल्य एवं विकास कमीशन का भुगतान उत्तर प्रदेश गन्ना (पूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम, 1953 की धारा-17 एवं 18 के अन्तर्गत प्रभावी अनुश्रवण एवं कार्यवाही की जाती है।